बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक महिला की बाघ के हमले में मौत हो गई, ग्रामीणों में दहशत

उमरिया
 बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पंपदा रेंज अंतर्गत कुशवाहा कोठिया गांव के पास बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई है। सुबह 9 हुई इस घटना के बाद गांव के लोग आक्रोशित हो गए हैं। बताया गया है कि बाघ ने उस समय महिला पर हमला किया जब वह महुआ बीन रही थी।

बाघ के हमले में मरने वाली महिला का नाम रानी सिंह पति ओमप्रकाश सिंह गोड़ उम्र 27 साल निवासी कुशमाहा कोठिया बताया गया है। घटना के समय महिला घर के बगल में सुबह 9 बजे महुआ बीन रही थी। इसी दौरान अचानक बाघ ने हमला कर दिया जिससे महिला की मौत हो गई।

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गांव के नजदीक बाघ

बताया गया है कि जंगल के बीच बसे इस गांव के काफी नजदीक बाघ घूम रहा है। बाघ झाड़ियां में छिपा हुआ था और उसकी नजर आसपास थी। जब रानी महुआ बीनने के लिए झुकी तो बाघ ने उसे भी जानवर समझ लिया और उसके ऊपर हमला कर दिया।

बाघ ने महिला की गर्दन दबोच ली, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। महिला को चीखने चिल्लाने का भी अवसर नहीं मिल पाया। लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने महिला पर बाघ को हमला करते हुए देख लिया था, जिससे उन लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। परिणाम स्वरूप बाघ महिला को मारने के बाद वहां से भाग गया।

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ग्रामीणों में दहशत

गांव के इतने नजदीक बाघ के होने की वजह से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों से सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की है। गांव के लोगों का कहना है कि बाघ को यहां से हटाया जाए अन्यथा वह फिर किसी पर हमला कर सकता है।

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गांव के लोगों का कहना है कि इन दिनों महुआ गिर रहा है और ग्रामीण महुआ बीनने जाएंगे ही। क्योंकि वे वनोपज पर वह निर्भर हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया है कि वह जंगल के ज्यादा अंदर ना जाएं। साथ ही वन विभाग के अधिकारियों ने सुरक्षा के लिए बाघ को जंगल के अंदर हांकने का आश्वासन भी दिया है।

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